Quality Rice Seed

Quality Rice Seed

  • अक्षर का आकार बडाईयॆ
  • अक्षर का पुर्वनीयोजित कद
  • अक्षर का आकार घटाइऐ
सिंचित वातावरण में धान के बीजों का उत्पादन btn_backbtn_forward
धान के बीजों के उत्पादन के दौरान छँटाई
आनुवांशिक शुद्धता बनाये रखने के लिए छँटाई के महत्व को समझना
खेत से सभी प्रकार के विषम और मिश्रित पौधों को हटाने की प्रक्रिया को छँटाई कहते हैं. बीज उत्पादन की किसी भी क्यारी में छँटाई, विषम पौधों द्वारा छोड़े गए पराग से बचने के लिए अत्यंत आवश्यक होती है जो पार-परागण द्वारा उपज को कभी ना ठीक होने वाला नुकसान पहुँचा सकता है.

बीजों की क्यारी में विजातीय लक्षणों वाले पौधों को विषम पौधे कहते हैं.

विषम पौधों के मुख्य स्रोत हैं:

  • पिछली फसल के स्वयं उगे पौधे
  • प्राकृतिक रूप से पार परागण या आनुवांशिक उत्परिवर्तन
  • बीज में होने वाला हल्की आनुवांशिक भिन्नता
  • विकास संबंधी भिन्नता
  • कटाई के बाद बीज की तैयारी के समय यांत्रिकी मिश्रण

पौधों की विशेषताओं को देखकर विषम पौधों को पहचाना जा सकता है.

  • सबसे अधिक जनसंख्या वाले पौधों (मुख्य फसल) की तुलना में लम्बे या छोटे पौधे
  • मुख्य फसल से अलग रंग की पत्तियों, शीथ और भूसी वाले पौधे
  • रेशे की उपस्थिति और अनुपस्थिति. अगर किसी पौधे में रेशे की उपस्थिति बाकी धान के पौधों से अलग हो तो वो विषम पौधा है.
  • पुष्प गुच्छ का देर से या जल्दी निकल आना. जिन पौधों में २ – ३ दिन में फूल खिल जाए केवल वही पौधे रखने चाहिए.
  • फ्लेग लीफ का कोण. अगर फसल में सीधी फ्लेग लीफ प्रभावी हैं तो सपाट और झुकी हुई फ्लेग लीफ वाले पौधे विषम है.
  • दानों का असमान नाप, आकार, या रंग: अगर अधिकतर बालियों में लंबे दाने हैं तो मध्यम दानों वाले पौधे विषम प्रकार के हैं.
  • रोग और कीट क्षतिग्रस्त पौधे
छँटाई का समय

फसल के विकास के दौरान जब भी विषम प्रकार के पौधे दिखाई दें तो छँटाई करनी चाहिए. खासकर पुष्पगुच्छ के निकलने के बाद से दाने भरने की शुरुआत तक छँटाई जरूर करनी चाहिए.

अगला अध्याय अगले अध्याय में रोग और कीट प्रबंधन पर चर्चा होगी. btn_backbtn_forward
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